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भरी दोपहरी में मांगों को लेकर पेंशनर्स उतरे सडकों पर
रैली निकाल कर कलेक्टर को मुख्यमंत्री के नाम सौपा ज्ञापन
प्रदेश सरकार के सौतेले व्यवहार को लेकर पेंशनरों ने दी आन्दोलन की चेतावनी

झाबुआ । भरी दोपहरी में सूरज कीलपटो के बीच अपनी मांगों को लेकर जिला पेंशनर्स एसोसिएशन झाबुआ द्वारा प्रदेश की शिवराजसिंह सरकार द्वारा प्रदेश के पेंशनरों के साथ भेदभाव पूर्ण व्यवहार अपनाने तथा प्रदेश के शासकीय कर्मचारियों की तरह ही महंगाई राहत नही दिये जाने को लेकर सोमवार 28 मार्च को जिलेभर के पेंशनरों एवं पदाधिकारियों द्वारा जिला संगठन के जिलाध्यक्ष रतनसिंह राठौर के नेतृत्व में जंगी रैली निकाल कर कलेक्टर सोमेश मिश्रा को 6 सूत्रीय मांगों के साथ ही प्रदेश के कर्मचारियों की तरह ही 31 प्रतिशत महंगाई राहत दिये जाने को लेकर ज्ञापन सौपा ।
जिला पेंशनर्स एसोसिएशन के प्रचार सचिव राजेन्द्र सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके पूर्व जिले के पेटलावद, थांदला, मेघनगर, रानापुर एवं जिला मुख्यालय के पेंशनरों एवं पदाधिकारियों ने आम्बेडकर पार्क में एकत्रित होकर पेंशनरों की समस्याओं एवं प्रदेश सरकार की हठधर्मिता को लेकर अपने विचार व्यक्त किये । जिला पेंशनर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष रतनसिंह राठौर ने अपने संबोधिन में पेंशनरा की विभिन्न समस्याओं के बारे मे विस्तारसे बाते हुए कहा कि जिले के चारों तहसीलों के अध्यक्ष काफी उर्जावान है तथा हर समय पेंशनरों के हित में दिन रात अपनी सक्रिय एवं सकारात्मक भूमिका निभा रहे है। उन्होने प्रदेश सरकार द्वारा धारा 49 की आड लेकर प्रदेश के साढे चार लाख पेंशनरों के साथ किये जारहे सौतेलापन का जिक्र करते हुए चेतावनी दी कि यदि एक माह में ज्ञापन के अनुसार मागों का निराकरण नही किया तो सभी पेंशनर्स सडकों पर उतर कर आन्दोलन को बाध्य होगें ।
पेंशनरों को संबोधित करते हुए थांदला शाखा के अध्यक्ष जगमोहनसिंह राठोर ने मुख्यमंत्री से मांग की कि मध्यप्रदेश एवं छत्तीसगढ विभाजन के समझौते की संवेधानिक धारा 49-6 को विलोन पर त्वरित निर्णय हो । केन्द्र के अनुरूप् ही प्रदेश सरकार भी पेंशनर्स को महंगाई राहत प्रतिवर्ष जनवरी और जुलाई में ही स्वीकृत कर एक साथ भुगतान करें , किन्तु-परन्तु के बहाने बनाकर पेंशनर्स के प्रति उपेक्षापूर्ण आचरणों से वृद्धो एवं वयोवृद्ध पेंशनर्स के मान सम्मानकोठेंस नही पहूंचाई जावे । पर्यटन सुविधा, चिकित्साभत्ता, अन्तिम संस्कार एक्सग्रेशिया राशि आदि प्रावधानों के आदेशों पर समुचित प्रक्रियायें निष्पादित हो। वर्तमान में औसत आयु चिन्हित कर 75 एवं 85 वर्ष की आयु होने पर क्रमशः 20 प्रतिशत एवं 100 प्रतिशत डीआर स्वतः लागू होने का प्रावधान हो ।परिवार पेंशन की प्रक्रिया का सरलीकरण हो तथा महिनों लंबित प्रतीक्षा का समुचित समाधान सहज सुलभ हो । शासकीय सेवा से सेवा निवृत्ति के उपरान्त पेंशनर्स के समस्त देयकों का एवे पेंशन प्रदाय का प्रबंध अधिकतम एक माह की समयावधि से अधिक नही हो । वर्तमान में ऐसे प्रकरण वर्षो तक अटकाए-लटकाये-भटकाये जारहे हे उन जिम्मेदारों पर दण्डात्मक कार्यवाही हो ।
श्री अरविन्द व्यास ने भी धारा 49 के बारे मे विस्तार से छत्तीसगढ एवं मध्यप्रदेश के बंटवारें के बारे में जानकारी देते हुए पेंशनरों के हित मे सरकार को त्वरित निर्णय लिये जाने का आव्हान किया । पेटलावद के अध्यक्ष एनएल रावल ने भी अपने जोशीले भाषण में कमलनाथ सरकार से वर्तमान सरकार तक पेंशनरों की अनदेखी किये जाने तथा सौतेला व्यवहार अभी तक होने की बात कहीं तथा उन्होने सभी पेंशनरों को एकजूट रह कर आगे भी अपने हक्को के लिये लडाई लडने का आव्हान किया । वही रानापुर संगठन के अध्यक्ष एमएल दुर्गेश्वर ने भी प्रदेश सरकार द्वारा पेंशनरों के साथ कियेजारहे दोयम व्यवहार को लेकर आक्रोश व्यक्त किया । तथा जिला स्तर पर पेंशनरों के हितार्थ समिति कागठन करने तथा उसके माध्यम से पेंशनरों की समस्याओ के निराकरण करने का सुझाव दिया ।ं
इस डिग्री कालेज के सेवा निवृत प्राचार्य डा. प्रदीप संघवी ने भी सरकार के रवैये का जिक्र करते हुए सरकार से मांग की कि पेंशनर प्रदेश के वरिष्ठजन होने के साथ ही अपने अनुभवों से प्रदेश के विकास में हमेशा अग्रणी रहे हे । सरकार को कर्मचारियों को डीए देने के पूर्व पेंशनरों को महंगाइ्र राहत देना चाहिये । सरकार जानबुझ कर पेंशनरों के मामलों में देरी करती है इसे त्यागना चाहिये । उन्होने सभी पेशनरों को एकजूट रह कर संगठन में शक्ति निहीत है इस भावना से संगठन को मजबुत बनाना चाहिये ।
सभी पेंशनर्स आम्बेडकर पार्क से नारे बाजी करते हुए कलेक्टर कार्यालय पहूंचे जहां अरविन्द व्यास ने ज्ञापन का वाचन किया किया । तथा संगठन के जिलाध्यक्ष रतनसिंह राठौर के नेतृत्व में कलेक्टर सोमेश मिश्रा को दो ज्ञापन सौपे गये । ज्ञापन के अनुसार राज्य के कर्मचारियों की तरह ही पेंशनरों को भी मार्च से 31 प्रतिशत के मानसे महंगाई राहत दिये जाने की मांग के अलावा छटवे वेतनमान के 32 माह एवं 7 वें वेतनमान के 27 माह के एरियर का भुगतान करने, सभी पेंशनरों को 1000 रुपया प्रतिमाह चिकित्सा भत्ता देने,वर्तमान में 80 वर्ष की आयु पूर्ण होने पर 20 प्रतिशत की अतिरिक्त राहत दी जाती है उसे 70 वर्ष की आयु में दिये जाने, पुरानी पेंशन को बहाल करने, धारा 49 विलोपित करने की मांगी के अलावा एक अन्य ज्ञापन में मुख्यमंत्री द्वारा उनके जन्म दिवस पर राज्य के कर्मचारियों को 1 मार्च 2022 से 31 प्रतिशत महंगाई भत्ता दिया गया उसी अनुरूप पेंशनरों को भी 1 मार्च 22 से 31 प्रतिशत महंगाई राहत दिये जाने की माग की गई । कार्यक्रम का संचालन पीडी रायपुरिया ने किया तथा आभार प्रदर्शन कार्यवाही अध्यक्ष बालमुकुन्दसिंह चौहान ने व्यक्त किया ।

सलीम हुसैन ब्यूरो रिपोर्ट

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